मध्य प्रदेश

हिंडालको महान ने विश्व एड्स दिवस पर जागरूकता शिविर का किया आयोजन ,साथ ही नि:शुल्क कंडोम का किया वितरण

वैढ़न,सिंगरौली।  विश्व एड्स दिवस मनाने का मकसद है लोगों में एड्स को लेकर जागरूकता बढ़ाना. एड्स एचआईवी यानी ह्यूमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस से होता है. ये वायरस चार दशकों से हमारे बीच है, लेकिन आज भी इसका ठोस इलाज नहीं है. ये वायरस इम्युन सिस्टम इतना कमजोर कर देता है कि शरीर दूसरी बीमारियों को झेल नहीं पाता.हर साल के आखिरी महीने का पहला दिन. 1 दिसंबर. यानी विश्व एड्स दिवस।जिसे पूरे विश्व मे एड्स के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य सामाजिक व स्वास्थ्य विभाग की संस्थाए जागरूकता शिविर का आयोजन करती हैं।

हिंडालको महान द्वारा स्वास्थ्य के प्रति लोगो को जागरूक करने के लिये समय समय पर सी.एस.आर.विभाग के माध्यम से स्वास्थ्य चौपाल व जागरूकता शिविर का आयोजन किया जाता है ,इसी कड़ी में विश्व एड्स दिवस के मौके पर हिंडालको महान के सी.एस. आर.विभाग द्वारा बरगंवा शासकीय हॉस्पिटल में सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता संध्या द्विवेदी ने लोगों को जागरूक करते हुए बताया कि एड्स एक गंभीर रोग है , इसका वायरस शरीर के इम्युन सिस्टम पर हमला करता है और उसे इतना कमजोर कर देता है कि शरीर दूसरा कोई संक्रमण या बीमारी झेलने के काबिल नहीं बचता.एचआईवी ऐसा वायरस है, जिसका समय पर अगर इलाज नहीं किया गया तो ये आगे चलकर एड्स की बीमारी बन जाता है. इसका अभी तक कोई पुख्ता इलाज नहीं है, लेकिन कुछ दवाओं के सहारे वायरल लोड को कम किया जा सकता है।हिंडालको महान के विस्थापित कालोनी मझिगँवा में संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में विश्व एड्स दिवस के मौके पर लोगो को कंडोम देकर एड्स से बचाव हेतु जागरूक किया गया जिसमें लोगो को डॉक्टर अनिल शर्मा द्वारा बताया गया कि एचआईवी से संक्रमित होने का सबसे बड़ा कारण असुरक्षित यौन संबंध है. कई मामलों में संक्रमित खून के संपर्क में आने से भी संक्रमण हो जाता है. वहीं, बच्चों में ये संक्रमण उनकी मांओं से आ जाता है. इस वायरस को दुनिया में आए 40 साल से ज्यादा समय हो चुका है, लेकिन अब तक इसका कोई ठोस इलाज नहीं है. इससे संक्रमित लोगों को एंटी रेट्रोवायरल थेरेपी दी जाती है, जिससे वायरल लोड कम होता है. अगर समय पर इलाज हो जाए तो काफी मदद मिलती है, लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ तो एड्स होने का खतरा बढ़ जाता है. आमतौर पर एचआईवी की चपेट में आने के कई सालों बाद एड्स की बीमारी होती है,यदि यौन संबंध बनाते हुये कंडोम का इस्तेमाल करे तो इस बीमारी से बचा जा सकता है । कार्यक्रम में सी.एस.आर.विभाग से अरविंद वैश्य,खलालू, भोला बैश्य,संजीव शामिल हुये।

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