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जोशीमठ में हालात हुए खतरनाक, कई होटल झुके, धरती फाड़ कर निकला पानी, अधिकारी मान रहे, ये खतरे का अलार्म

 

देहरादून. उत्तराखंड के जोशीमठ में अब स्थिति डरावनी होने लगी है. घरों और सड़कों में दरारों के साथ अब बहुमंजिला इमारतें और होटल झुकने लगे हैं. इतनी है नहीं, जोशीमठ में कई स्थानों पर धरती को फाड़ कर पानी के निकलने के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं.

कई इलाकों में देखी गई नए दरारें

आपदा प्रबंधन के सचिव रंजीत सिंहा ने बताया कि जोशीमठ में जहां नई दरारें आई हैं, वहां हमने सर्वे किया है. कुछ होटल झुके हैं. आपदा प्रबंधन सचिव ने बताया कि प्रभावित इलाके में कई स्थानों पर नए जल स्रोत उभरे हैं.

जमीन से पानी निकलना खतरे की घंटी

आपदा सचिव ने बताया कि जमीन से पानी आना एक खतरनाक संकेत है, क्योंकि यह एक निर्वात (खाली स्थान) पैदा करता है, जो डूबने या घंसने का कारण बनता है. प्रभावित लोगों को यहां से लगातार सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है. हमें यहां सख्त तौर पर भवन नियमों को लागू करना है. साथ ही कोशिश है कि किस प्रकार हम यहां मकानों और इमारतों को बचा सकते हैं.

पुरानी दरारें भी लगातार बढ़ती जा रहीं

जानकारी के मुताबिक सिटी बोर्ड के अध्यक्ष ने बताया था कि गुरुवार को इलाके के मारवाड़ी में नौ घरों में दरारें आने की सूचना है. अधिकांश सड़कों में भी बड़ी दरारें पड़ गई हैं. जिला आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि जोशीमठ के मारवाड़ी वार्ड की जेपी कॉलोनी में जमीन से पानी निकलना शुरू हो गया है. इस पानी का बहाव काफी तेज है. अधिकारियों ने बताया था कि मुख्य सड़कों पर दरारें इतनी बढ़ी हैं कि लोग यहां चलने से डर रहे हैं.

इन इलाकों के लोग हैं प्रभावित

बता दें कि जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एनके जोशी ने बताया कि जोशीमठ के रविग्राम में 153, गांधीनगर में 127, मनोहरबाग में 71, सिंहधार में 52, परसारी में 50, अपर बाजार में 29, सुनील में 27, मारवाड़ी में 28 और 24 मकान प्रभावित हुए हैं. ये दरारें लगातार बढ़ती जा रही हैं. उत्तराखंड शासन के अधिकारी लोगों को सुरक्षित इलाकों में पहुंचा रहे हैं. साथ राज्य के मुख्यमंत्री लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.
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